सुनैना के नैना
सुनैना के नैना
जब कमल के नैना से टकराए,
तो सुनैना के नैना
सिर्फ सुनैना के नहीं रहे।
अब कमल के नैना
हर बार सुनैना के नैना ढूँढते हैं,
और सुनैना के नैना
हर बार कमल के नैना चुराते हैं।
सुनैना ने कहा —
"ये नैना मेरे हैं",
पर कमल ने मुस्कुरा कर कहा —
"अब ये नैना भी सुनैना हैं।"
नैना, सुनैना के थे,
फिर कमल के हो गए,
अब दोनों के नैना
बस सुनैना ही सुनैना हो गए।
इतने नैना,
फिर भी एक सुनैना।
और उस एक सुनैना में —
छुपे हैं कमल के भी दो नैना।
अब नैना, सुनैना के हैं,
पर हर पल कमल को देखना चाहते हैं।
और कमल के नैना —
अब सुनैना से अलग कहाँ रह पाएंगे?
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